जिला सचिवालय में निपुण हरियाणा मिशन की बैठक की अध्यक्षता करते उपायुक्त
पलवल, उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने जिले के शिक्षा अधिकारियों और शिक्षकों से आह्वान किया है कि वे निपुण हरियाणा मिशन के लक्ष्यों को गंभीरता से पूरा करें और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने कहा कि बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक दक्षता बच्चों के समग्र विकास की नींव होती है, जिसे मजबूत करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
जिला सचिवालय में आयोजित जिला संचालन समिति की समीक्षा बैठक में उपायुक्त ने निर्देश दिए कि स्कूलों में विशेष अभियान चलाकर ड्रॉपआउट बच्चों को पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जाए। इसके लिए अभिभावकों और परिजनों को जागरूक करना आवश्यक है। उन्होंने संबंधित एसडीएम और अधिकारियों से भी कहा कि वे समय निकालकर विद्यालयों का दौरा करें और विद्यार्थियों को मार्गदर्शन प्रदान करें।
डॉ. वशिष्ठ ने बताया कि निपुण हरियाणा अभियान शिक्षा को रोचक बनाने और सीखने के स्तर में सुधार लाने की दिशा में एक प्रभावी पहल है। उन्होंने विद्यालयों में नियमित रूप से निपुण बैठकें आयोजित करने, खंड स्तर पर समीक्षा बैठकें करने और निर्धारित शैक्षणिक लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से हासिल करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में पठन, लेखन और गणितीय कौशल विकसित करने के साथ-साथ प्रार्थना सभा में संविधान की प्रस्तावना का वाचन, समाचार पत्र पठन और “आज का विचार” जैसी गतिविधियों को शामिल किया जाए, जिससे बच्चों का आत्मविश्वास बढ़े और मंच भय दूर हो।
उपायुक्त ने यह भी कहा कि सरकारी विद्यालयों को लेकर समाज में फैली नकारात्मक धारणा को तोड़ने की आवश्यकता है। आज सरकारी स्कूलों में प्रशिक्षित शिक्षक, डिजिटल बोर्ड, स्मार्ट क्लास और ई-लर्निंग सुविधाएं उपलब्ध हैं। सरकार की विभिन्न योजनाएं बच्चों को शिक्षा से जोड़ने और उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला तैयार कर रही हैं।