पलवल जिले में विद्यार्थियों और ग्रामीणों को कानून की जानकारी देते अधिकारी
जिले भर में कानूनी साक्षरता को मिला विस्तार
पलवल जिले में आमजन को कानून के प्रति जागरूक करने की दिशा में जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण (डीएलएसए) ने एक संगठित और व्यापक अभियान की शुरुआत की है। हरियाणा राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण, पंचकूला के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं चेयरपर्सन डीएलएसए पलवल राज गुप्ता के मार्गदर्शन में यह पहल की गई। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-कम-सचिव हरीश गोयल के नेतृत्व में जिले के विभिन्न स्थानों पर कानूनी जागरूकता एवं साक्षरता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनका उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक कानून से जुड़ी आवश्यक जानकारी पहुंचाना रहा।
युवाओं और विद्यार्थियों पर विशेष फोकस
डीएलएसए पलवल द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में युवाओं और विद्यार्थियों को विशेष प्राथमिकता दी गई। भारत स्काउट्स एंड गाइड्स, पलवल में एनएसएस के सात दिवसीय शिविर के दौरान एक विशेष कानूनी जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र में विद्यार्थियों को उनके मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों के साथ-साथ नालसा और हालसा की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। वक्ताओं ने बताया कि जरूरतमंद नागरिक किस प्रकार नि:शुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं और जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण इसमें किस तरह सहयोग करता है।
नि:शुल्क कानूनी सहायता की प्रक्रिया पर जानकारी
कार्यक्रम के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि आर्थिक या सामाजिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग बिना किसी शुल्क के कानूनी सलाह और सहायता प्राप्त कर सकते हैं। स्थायी लोक अदालत और मध्यस्थता केंद्र की कार्यप्रणाली समझाते हुए बताया गया कि आपसी समझौते के जरिए विवादों का त्वरित और सरल समाधान संभव है। इससे न्यायिक प्रक्रिया पर बोझ भी कम होता है और आम नागरिकों को शीघ्र न्याय मिलता है।
आपातकालीन हेल्पलाइन और साइबर सुरक्षा पर जागरूकता
आज के डिजिटल युग में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। इसे ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों और आमजन को साइबर फ्रॉड से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। आपातकालीन हेल्पलाइन 112, साइबर हेल्पलाइन 1930, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 1091 और वन स्टॉप सेंटर से संबंधित जानकारी साझा की गई। साथ ही पीड़ित मुआवजा योजनाओं के बारे में भी विस्तार से बताया गया, ताकि पीड़ित व्यक्ति समय पर सहायता प्राप्त कर सकें।
ग्रामीण क्षेत्रों में नशा उन्मूलन पर जोर
डीएलएसए पलवल की टीम ने गांव पृथला में भी कानूनी जागरूकता शिविर आयोजित किया, जिसमें ग्रामीणों, महिलाओं और युवाओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई। इस शिविर में नशे के दुष्परिणामों, एनडीपीएस अधिनियम के प्रावधानों और नशा तस्करी से जुड़े कठोर कानूनी परिणामों की जानकारी दी गई। लोगों से अपील की गई कि नशे से संबंधित किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना निर्भीक होकर प्रशासन को दें, ताकि समाज को इस बुराई से मुक्त किया जा सके।
बाल विवाह निषेध और बाल अधिकारों पर संवाद
बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जिले के विद्यालयों में 100 दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। राजकीय उच्च विद्यालय, बढ़ा गांव में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 और बाल श्रम अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी दी गई। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह बच्चों के भविष्य पर भी गंभीर प्रभाव डालता है। विद्यार्थियों ने नारे और संदेशों के माध्यम से समाज को जागरूक करने का संकल्प लिया।
सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश
इन सभी कार्यक्रमों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि कानून केवल दंड देने का माध्यम नहीं है, बल्कि समाज को सुरक्षित और सशक्त बनाने का साधन भी है। अधिकारियों और अधिवक्ताओं ने कहा कि जब नागरिक अपने अधिकारों और कर्तव्यों को समझते हैं, तभी लोकतंत्र मजबूत होता है। डीएलएसए पलवल द्वारा किए गए प्रयासों की ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने सराहना की और भविष्य में भी ऐसे अभियानों की निरंतरता की मांग की।