ग्राम खजुरका में आयोजित कानूनी जागरूकता शिविर में ग्रामीण
पलवल जिले में सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन और आमजन को कानून के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण (DLSA) द्वारा ग्राम खजुरका में एक प्रभावशाली कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर विशेष रूप से बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसमें ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।
शिविर का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों, दायित्वों और सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही नि:शुल्क विधिक सहायता योजनाओं की जानकारी देना रहा। कार्यक्रम में अधिवक्ता गीता रानी एवं पैरा लीगल वालंटियर शोभा ने सरल भाषा में कानून से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस प्रकार नालसा और हालसा की योजनाओं के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग न्याय प्राप्त कर सकता है।
विशेष सत्र में महिलाओं और बच्चों के अधिकारों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें बाल विवाह की रोकथाम, कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए पॉश अधिनियम, मानव तस्करी पीड़ितों के अधिकार, दिव्यांग एवं ट्रांसजेंडर बच्चों के संवैधानिक अधिकारों की जानकारी दी गई। साथ ही यह भी बताया गया कि यदि किसी बच्चे के साथ शोषण होता है, तो उसे किस प्रकार कानूनी संरक्षण और मुआवजा मिल सकता है।
कार्यक्रम में मध्यस्थता (Mediation) प्रक्रिया को विवाद समाधान का सरल, सस्ता और समयबद्ध तरीका बताते हुए इसके लाभ समझाए गए। अंत में प्रश्न-उत्तर सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने अपने कानूनी संदेह साझा किए, जिनका विशेषज्ञों द्वारा समाधान किया गया।
यह जागरूकता शिविर न केवल ग्रामीणों को कानूनी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में अहम साबित हुआ, बल्कि बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को समाप्त करने के लिए एक मजबूत पहल के रूप में भी सामने आया।