उपायुक्त की अध्यक्षता में पलवल जिला सचिवालय में समाधान शिविर
पलवल में समाधान शिविरों से बदली शिकायत निवारण की तस्वीर
हरियाणा सरकार द्वारा नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से शुरू की गई ‘समाधान शिविर’ पहल पलवल जिले में प्रभावी रूप से लागू की जा रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के दिशा-निर्देशों के अनुसार, जिला स्तर के साथ-साथ उपमंडल स्तर पर भी नियमित रूप से समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों का उद्देश्य आमजन को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए भटकने से बचाना और प्रशासन को सीधे जनता से जोड़ना है।
सप्ताह में दो दिन, एक ही स्थान पर समाधान
प्रशासन द्वारा यह शिविर प्रत्येक सप्ताह सोमवार और गुरुवार को आयोजित किए जा रहे हैं। इससे नागरिकों को तय समय पर अपनी शिकायतें दर्ज कराने और उनका समाधान प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है। जिला सचिवालय और उपमंडल मुख्यालयों पर आयोजित होने वाले इन शिविरों में विभिन्न विभागों के अधिकारी एक साथ मौजूद रहते हैं, जिससे समस्याओं पर तुरंत कार्रवाई संभव हो पाती है।
उपायुक्त की अध्यक्षता में हो रहा त्वरित निवारण
गुरुवार को जिला सचिवालय पलवल के द्वितीय तल स्थित सभागार में आयोजित समाधान शिविर की अध्यक्षता उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने की। शिविर के दौरान उन्होंने नागरिकों की समस्याएं स्वयं सुनीं और संबंधित विभागों को निष्पक्ष, समयबद्ध और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जनता की समस्याओं का समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
एक छत के नीचे कई विभागों की सुनवाई
इस समाधान शिविर में परिवार पहचान-पत्र (फैमिली आईडी), बिजली आपूर्ति, अवैध कब्जे, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, पुलिस से जुड़ी शिकायतें प्रमुख रूप से सामने आईं। प्रत्येक मामले में संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्रवाई कर शिकायतकर्ता को सूचित करें। इस व्यवस्था से नागरिकों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं।
उपमंडल स्तर पर भी मिल रहा लाभ
जिला प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि केवल जिला मुख्यालय ही नहीं, बल्कि हथीन और होडल जैसे उपमंडलों में भी समाधान शिविर आयोजित किए जाएं। इससे ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के नागरिकों को भी समान सुविधा मिल रही है। प्रशासन का मानना है कि उपमंडल स्तर पर समाधान मिलने से समस्याएं प्रारंभिक स्तर पर ही सुलझ जाती हैं।
प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद
समाधान शिविरों का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इनमें प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित होता है। नागरिक अपनी बात सीधे वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा पाते हैं, जिससे पारदर्शिता बढ़ती है और भरोसा मजबूत होता है। अधिकारी भी जमीनी स्तर की समस्याओं को समझकर नीतिगत सुधार की दिशा में कदम उठा सकते हैं।
विभिन्न विभागों की सक्रिय भागीदारी
शिविर में नगराधीश प्रीति रावत, डीएसपी मनोज वर्मा, जिला राजस्व अधिकारी बलराज सिंह, डीडीपीओ उपमा अरोड़ा, जिला शिक्षा अधिकारी मामराज रावत, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार बघेल, उप सिविल सर्जन डा. रामेश्वरी सहित अनेक विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। उनकी उपस्थिति से यह संदेश गया कि प्रशासन शिकायतों को गंभीरता से ले रहा है।
नागरिकों से अपील
उपायुक्त ने जिले के नागरिकों से अपील की कि वे समाधान शिविरों का अधिकतम लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि निर्धारित तिथियों पर शिविरों में पहुंचकर अपनी समस्याएं दर्ज कराएं और समाधान प्राप्त करें। प्रशासन का प्रयास है कि हर शिकायत का निस्तारण पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से हो।