पूर्वांचल सम्मान रैली लुधियाना में मंच से संबोधित करते मुख्यमंत्री
पंजाब के लुधियाना में आयोजित पूर्वांचल सम्मान रैली लुधियाना के मंच से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को विकास की मूल आधारशिला बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य की प्रगति केवल योजनाओं से नहीं, बल्कि उनके प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन से सुनिश्चित होती है।
रैली में बड़ी संख्या में पूर्वांचल समुदाय के लोग उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में जनभागीदारी सबसे बड़ी शक्ति है और यदि सरकार और समाज मिलकर काम करें तो किसी भी राज्य को अग्रणी बनाया जा सकता है।
पूर्वांचल सम्मान रैली लुधियाना में सुशासन का संदेश
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की जनता अब विकास और जवाबदेह प्रशासन चाहती है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि परिवर्तन केवल राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि नीति और नीयत दोनों में स्पष्टता से आता है।उन्होंने हरियाणा में लागू विभिन्न पहलों का उल्लेख करते हुए बताया कि किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसलों की खरीद, युवाओं के लिए पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और महिलाओं के सशक्तिकरण कार्यक्रमों ने प्रशासनिक विश्वास को मजबूत किया है।
किसानों और युवाओं पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलना चाहिए। एमएसपी पर खरीद व्यवस्था को उन्होंने किसान हित का महत्वपूर्ण कदम बताया। इसके साथ ही युवाओं के लिए बिना भेदभाव और पारदर्शी प्रक्रिया से रोजगार उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई।उन्होंने कहा कि रोजगार प्रणाली में पारदर्शिता से भ्रष्टाचार की गुंजाइश कम होती है और युवाओं का विश्वास बढ़ता है। यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरक हो सकता है।
महिलाओं और सामाजिक कल्याण योजनाओं का उल्लेख
रैली के दौरान महिलाओं के लिए सस्ती रसोई गैस और स्वास्थ्य सुविधाओं का जिक्र किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा से संभव है।उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और गरीब वर्ग को सुलभ चिकित्सा उपलब्ध कराने की दिशा में उठाए गए कदमों की चर्चा की। उनका कहना था कि जब नागरिकों की मूल आवश्यकताएं पूरी होती हैं, तभी विकास की गति तेज होती है।
जनभागीदारी को बताया सफलता की कुंजी
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाएं तभी सफल होती हैं जब जनता सक्रिय भागीदारी निभाती है। उन्होंने पूर्वांचल समाज की मेहनत और योगदान की सराहना करते हुए उन्हें राज्य निर्माण की प्रक्रिया का अहम हिस्सा बताया।विश्लेषकों का मानना है कि ऐसी रैलियां सामाजिक संवाद का मंच बनती हैं, जहां विभिन्न समुदायों की अपेक्षाएं और प्राथमिकताएं सामने आती हैं। इससे नीति निर्माण में व्यापक दृष्टिकोण विकसित होता है।
राजनीतिक और सामाजिक परिप्रेक्ष्य
लुधियाना जैसे औद्योगिक शहर में आयोजित यह रैली राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यहां बड़ी संख्या में प्रवासी समुदाय निवास करता है, जो आर्थिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाता है।मुख्यमंत्री का संदेश स्पष्ट था कि सुशासन और पारदर्शिता ही विकास की असली पहचान हैं। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन जवाबदेह होगा तो निवेश, रोजगार और सामाजिक स्थिरता स्वतः बढ़ेगी।