राष्ट्रीय फुटसल चैम्पियनशिप में खिलाड़ियों को संबोधित करते कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल
मानव रचना संस्थान में आयोजित राष्ट्रीय फुटसल चैम्पियनशिप 2026
राष्ट्रीय फुटसल चैम्पियनशिप 2026 के अवसर पर हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने खेलों की सामाजिक भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि खेल केवल जीत और हार तक सीमित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि खेल समाज को जोड़ने, समान अवसर देने और हर व्यक्ति में आत्मविश्वास जगाने का एक प्रभावी माध्यम हैं। यह आयोजन फरीदाबाद स्थित मानव रचना शैक्षिक संस्थान में आयोजित किया गया, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से खिलाड़ी और प्रशिक्षक शामिल हुए।
अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि आज के समय में खेलों की भूमिका केवल प्रतिस्पर्धा तक सीमित नहीं रही है। खेल सामाजिक समावेशन, नेतृत्व विकास और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने का एक मजबूत आधार बन चुके हैं।
समावेशी खेलों का बढ़ता महत्व
कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने विशेष रूप से समावेशी खेलों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि खेल का मैदान ऐसा स्थान होना चाहिए, जहां किसी भी प्रकार का भेदभाव न हो। चाहे खिलाड़ी किसी भी सामाजिक, आर्थिक या शारीरिक पृष्ठभूमि से आता हो, खेल उसे समान अवसर प्रदान करते हैं।
उन्होंने बताया कि समावेशी खेल दिव्यांग खिलाड़ियों को आत्मसम्मान के साथ आगे बढ़ने का अवसर देते हैं। इससे न केवल खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ता है, बल्कि समाज में समानता और संवेदनशीलता की भावना भी मजबूत होती है।
स्पेशल ओलिंपिक्स भारत की भूमिका
मंत्री विपुल गोयल ने स्पेशल ओलिंपिक्स भारत की अध्यक्ष डॉ. मल्लिका नड्डा के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनके निरंतर प्रयासों के कारण दिव्यांग खिलाड़ियों को राष्ट्रीय मंच पर पहचान मिल रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि स्पेशल ओलिंपिक्स भारत ने यह सिद्ध कर दिया है कि सही मार्गदर्शन, संसाधन और समर्थन मिलने पर दिव्यांग खिलाड़ी भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। इससे न केवल खिलाड़ियों का भविष्य बेहतर होता है, बल्कि समाज की सोच में भी सकारात्मक बदलाव आता है।
विविधता में एकता का संदेश
अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी शक्ति उसकी विविधता में निहित है। अलग-अलग राज्यों, भाषाओं और संस्कृतियों से आए लोग जब एक ही मंच पर खेलते हैं, तो यह राष्ट्रीय एकता को और मजबूत करता है।
उन्होंने कहा कि खेलों के माध्यम से समानता और भाईचारे का जो संदेश जाता है, वह किसी भी अन्य माध्यम से संभव नहीं है। राष्ट्रीय फुटसल चैम्पियनशिप जैसे आयोजन इस भावना को जमीनी स्तर पर मजबूत करते हैं।
19 राज्यों की भागीदारी, आयोजन की सफलता
इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन में देश के 19 राज्यों से 227 खिलाड़ी और प्रशिक्षक शामिल हुए। मंत्री विपुल गोयल ने इसे आयोजन की बड़ी सफलता बताया। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में खिलाड़ियों की भागीदारी यह दर्शाती है कि फुटसल और समावेशी खेलों के प्रति देशभर में रुचि बढ़ रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि खिलाड़ियों के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराना आयोजकों की बड़ी जिम्मेदारी होती है, जिसे इस आयोजन में अच्छी तरह निभाया गया।
खिलाड़ियों का स्वास्थ्य और नेतृत्व विकास
मंत्री ने बताया कि इस चैम्पियनशिप के दौरान खिलाड़ियों के स्वास्थ्य परीक्षण पर विशेष ध्यान दिया गया। उन्होंने कहा कि खेलों के साथ-साथ खिलाड़ियों का शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
इसके साथ ही युवा नेतृत्व विकास को उन्होंने राष्ट्र निर्माण का एक अहम हिस्सा बताया। खेलों के माध्यम से युवा अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व के गुण सीखते हैं, जो आगे चलकर देश के विकास में योगदान देते हैं।
संस्थानों और स्वयंसेवकों की भूमिका
विपुल गोयल ने मानव रचना शैक्षिक संस्थान सहित सभी सहयोगी संस्थानों, आयोजकों और स्वयंसेवकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे बड़े आयोजनों की सफलता टीमवर्क और समर्पण पर निर्भर करती है।
उन्होंने खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे मंच युवाओं को आगे बढ़ने और अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान करते हैं।