स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरित युवा
सोनीपत में राष्ट्रीय युवा दिवस 2026 के अवसर पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली ने युवाओं की भूमिका और जिम्मेदारियों को लेकर स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज का युवा केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित न रहे, बल्कि राष्ट्र के व्यापक हितों को प्राथमिकता दे। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का युवा हर क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है, लेकिन इस ऊर्जा को सही दिशा देने की निरंतर आवश्यकता है।
मोहनलाल बड़ौली ने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्रीय युवा दिवस केवल एक स्मृति दिवस नहीं, बल्कि आत्ममंथन का अवसर है। यह दिन युवाओं को चरित्र, अनुशासन और आत्मबल के मूल्यों से जोड़ता है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद का यह विश्वास था कि सशक्त और अनुशासित युवा ही भारत को वैश्विक नेतृत्व की ओर ले जा सकते हैं।
उन्होंने 1893 के शिकागो विश्व धर्म सम्मेलन में स्वामी विवेकानंद के ऐतिहासिक भाषण को याद करते हुए कहा कि उस संबोधन ने भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित किया। आज के संदर्भ में यह संदेश और भी प्रासंगिक है, जब भारत शिक्षा, नवाचार, स्टार्टअप और तकनीक के क्षेत्र में वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ रहा है।
प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर देशभर में होने वाले शैक्षणिक और प्रेरणादायक कार्यक्रम युवाओं को केवल सपने देखने नहीं, बल्कि उन्हें साकार करने की प्रेरणा देते हैं। डिजिटल युग में जहां अवसर बढ़े हैं, वहीं चुनौतियां भी जटिल हुई हैं। ऐसे में युवा दिवस हमें याद दिलाता है कि सफलता अनुशासन, निरंतर प्रयास और सामाजिक जिम्मेदारी से ही प्राप्त होती है। उनका संदेश स्पष्ट था—भारत का भविष्य तभी मजबूत होगा, जब युवा राष्ट्रकेंद्रित सोच के साथ आगे बढ़ेंगे।