समाधान शिविर सोनीपत के दौरान शिकायतों की सुनवाई करते उपायुक्त
समाधान शिविर सोनीपत में आयोजित बैठक के दौरान प्रशासन ने जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण पर विशेष जोर दिया। लघु सचिवालय में हुए इस शिविर की अध्यक्षता उपायुक्त सुशील सारवान ने की, जहां विभिन्न विभागों से जुड़ी कुल 20 शिकायतें दर्ज की गईं।उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि केवल औपचारिक कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का आकलन करें और निर्धारित समयसीमा में समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
मौके पर समाधान पर जोर
शिविर के दौरान उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे समस्याओं के निस्तारण में फील्ड विजिट को अनिवार्य रूप से शामिल करें। उनका कहना था कि स्थल निरीक्षण से तथ्य स्पष्ट होते हैं और समाधान प्रक्रिया में तेजी आती है।प्राप्त शिकायतों में पंचायत भूमि पर अवैध कब्जे, जोहड़ और मंदिर की जमीन से अतिक्रमण हटाने, खेतों के रास्ते से संबंधित विवाद, बिजली बिल सुधार, आय प्रमाण-पत्र में संशोधन तथा परिवार पहचान पत्र में त्रुटियों जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।ज्वाहरा गांव के प्रतिनिधियों ने सार्वजनिक भूमि पर कथित अतिक्रमण की शिकायत दर्ज कराई। इस पर उपायुक्त ने संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
विभागीय समन्वय की पहल
समाधान शिविर सोनीपत के दौरान पीडब्ल्यूडी, सिंचाई विभाग, राजस्व विभाग और अन्य विभागों से संबंधित शिकायतें भी सामने आईं। प्रशासन का उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर एक ही मंच पर समस्याओं का समाधान करना है।अधिकारियों की उपस्थिति में शिकायतकर्ताओं को आश्वस्त किया गया कि मामलों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। इस बैठक में पुलिस और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने भी भाग लिया, जिससे कानून-व्यवस्था और राजस्व से जुड़े मुद्दों पर संयुक्त रूप से विचार किया जा सके।
खरखौदा और गन्नौर में भी सुनवाई
जिला स्तर के साथ-साथ उपमंडल स्तर पर भी समाधान शिविर आयोजित किए गए। खरखौदा में तहसीलदार की अध्यक्षता में चार शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें भूमि विवाद, पेयजल समस्या और परिवार पहचान पत्र से जुड़े मामले शामिल थे।गन्नौर में आयोजित शिविर के दौरान पांच शिकायतें दर्ज की गईं, जो मुख्य रूप से परिवार पहचान पत्र में त्रुटियों के सुधार से संबंधित थीं। संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
जनसुनवाई व्यवस्था का व्यापक संदर्भ
राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई जनसुनवाई प्रणाली का उद्देश्य प्रशासन और नागरिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है। समाधान शिविर उसी कड़ी का हिस्सा हैं, जहां आमजन बिना जटिल प्रक्रिया के अपनी शिकायत सीधे अधिकारियों के समक्ष रख सकते हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन शिविरों की नियमित निगरानी और फॉलो-अप सुनिश्चित किया जाए, तो स्थानीय स्तर पर लंबित मामलों में कमी आ सकती है। इससे पारदर्शिता और जवाबदेही भी मजबूत होती है।
इस खबर का असर क्या होगा?
समाधान शिविर सोनीपत के माध्यम से प्रशासनिक जवाबदेही को बल मिलेगा। मौके पर निरीक्षण के निर्देश से शिकायतों के निस्तारण में तेजी आने की संभावना है।यदि विभागीय समन्वय इसी प्रकार जारी रहता है, तो भूमि विवाद, दस्तावेजी त्रुटियां और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों का समाधान अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा। इससे नागरिकों का प्रशासन पर विश्वास भी मजबूत होगा।
निष्कर्ष
समाधान शिविर सोनीपत प्रशासन और नागरिकों के बीच संवाद का महत्वपूर्ण मंच बनकर उभर रहा है। त्वरित कार्रवाई और मौके पर समाधान की पहल से यह व्यवस्था जनसुनवाई प्रणाली को अधिक प्रभावी बना सकती है। प्रशासन की प्रतिबद्धता तभी सार्थक होगी जब शिकायतों का समयबद्ध और पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।