सोनीपत में आयोजित समीक्षा बैठक में संपर्क टीवी कार्यक्रम पर चर्चा करते रिटायर्ड आईएएस डॉ. के. राजेश्वर राव
सरकारी स्कूलों में शिक्षा सुधार की दिशा में अहम पहल
ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में संपर्क टीवी कार्यक्रम एक प्रभावी माध्यम बनकर उभर रहा है। इसी को लेकर शुक्रवार को सोनीपत के लघु सचिवालय में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी डॉ. के. राजेश्वर राव की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपायुक्त सुशील सारवान, शिक्षा विभाग और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
इस बैठक का उद्देश्य संपर्क टीवी कार्यक्रम की वर्तमान स्थिति, अब तक की उपलब्धियों, सामने आ रही चुनौतियों और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा करना था। अधिकारियों को संबोधित करते हुए डॉ. राव ने कहा कि यह कार्यक्रम न केवल शिक्षा की गुणवत्ता सुधार रहा है, बल्कि सीखने की प्रक्रिया को बच्चों के लिए अधिक रोचक और आनंददायक भी बना रहा है।
क्या है संपर्क टीवी कार्यक्रम
डॉ. के. राजेश्वर राव ने बताया कि संपर्क फाउंडेशन द्वारा विकसित संपर्क टीवी एक अभिनव शिक्षण समाधान है, जो साधारण टेलीविजन को स्मार्ट और इंटरैक्टिव क्लासरूम में बदल देता है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह तकनीक बिना इंटरनेट कनेक्शन के भी प्रभावी रूप से कार्य करती है।
उन्होंने कहा कि यही कारण है कि यह कार्यक्रम उन ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के स्कूलों के लिए बेहद उपयोगी सिद्ध हो रहा है, जहां इंटरनेट की सुविधा सीमित या उपलब्ध नहीं है। संपर्क टीवी के माध्यम से बच्चों तक गुणवत्तापूर्ण डिजिटल कंटेंट पहुंचाया जा रहा है, जिससे शैक्षणिक असमानता को कम करने में मदद मिल रही है।
कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों के लिए विशेष सामग्री
डॉ. राव ने जानकारी दी कि संपर्क टीवी प्लेटफॉर्म पर कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से तैयार की गई शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। इसमें एनिमेटेड कहानियां, शिक्षाप्रद गीत, गतिविधि आधारित शिक्षण और क्विज शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि यह सामग्री बच्चों की उम्र और समझ के अनुसार तैयार की गई है, जिससे वे पढ़ाई को बोझ के रूप में नहीं बल्कि आनंद के रूप में स्वीकार कर रहे हैं। इससे बच्चों की रुचि बढ़ रही है और वे कक्षा में अधिक सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं।
‘कहानी का पिटारा’ और स्पार्कल सिस्टम की भूमिका
संपर्क टीवी के प्रमुख फीचर्स पर प्रकाश डालते हुए डॉ. राव ने बताया कि ‘कहानी का पिटारा’ जैसे फीचर बच्चों की कल्पनाशीलता और समझ को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। कहानियों के माध्यम से नैतिक मूल्य, भाषा कौशल और सोचने की क्षमता को मजबूत किया जा रहा है।
इसके अलावा स्पार्कल सिस्टम के जरिए बच्चे सीखने के दौरान अंक अर्जित करते हैं और नई शैक्षणिक सामग्री को अनलॉक कर पाते हैं। इससे बच्चों में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा और सीखने का उत्साह बना रहता है। यह प्रणाली बच्चों को स्वप्रेरित होकर सीखने के लिए प्रेरित करती है।
रटने की बजाय समझ आधारित शिक्षा पर जोर
डॉ. के. राजेश्वर राव ने कहा कि संपर्क टीवी कार्यक्रम का मूल उद्देश्य बच्चों को रटने वाली शिक्षा से बाहर निकालकर समझ आधारित और अनुभवात्मक शिक्षा की ओर ले जाना है। उन्होंने कहा कि आज की शिक्षा प्रणाली में यह बदलाव बेहद आवश्यक है।
उनका मानना है कि यदि बच्चे विषय को समझकर सीखते हैं, तो उनकी नींव मजबूत होती है और आगे की कक्षाओं में उन्हें कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ता। संपर्क टीवी जैसे नवाचारी कार्यक्रम शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बन सकते हैं।
उपायुक्त ने की पहल की सराहना
बैठक में उपायुक्त सुशील सारवान ने संपर्क फाउंडेशन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह प्लेटफॉर्म सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने का एक प्रभावी प्रयास है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास रहेगा कि इस कार्यक्रम को अधिक से अधिक स्कूलों में लागू किया जाए।
उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि संपर्क टीवी का उपयोग सभी स्कूलों में नियमित और योजनाबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जाए। साथ ही शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी, समय-समय पर मॉनिटरिंग और फीडबैक के आधार पर सुधारात्मक कदम उठाने पर भी जोर दिया गया।
शिक्षकों और प्रशासन की भूमिका अहम
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि किसी भी शैक्षणिक कार्यक्रम की सफलता शिक्षकों और प्रशासन की सहभागिता पर निर्भर करती है। यदि शिक्षक इस तकनीक का सही उपयोग करें और बच्चों को मार्गदर्शन दें, तो इसके परिणाम और अधिक सकारात्मक हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग को यह सुनिश्चित करना होगा कि संपर्क टीवी केवल एक तकनीकी उपकरण न बनकर वास्तविक कक्षा शिक्षण का अभिन्न हिस्सा बने।
बैठक में मौजूद रहे अधिकारी
इस समीक्षा बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त लक्षित सरीन, जिला शिक्षा अधिकारी नवीन गुलिया, संपर्क फाउंडेशन के स्टेट हेड दुर्गा प्रसाद सहित शिक्षा विभाग के खंड शिक्षा अधिकारी और विभिन्न स्कूलों के प्रधानाचार्य भी मौजूद रहे। सभी ने कार्यक्रम को और बेहतर बनाने को लेकर अपने सुझाव साझा किए।