गोहाना विधानसभा के गांव गुहणा में शहीद हवा सिंह प्रतिमा लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान वीरता और राष्ट्रभक्ति का अनूठा दृश्य देखने को मिला। वर्ष 1965 के युद्ध में बलिदान देने वाले लांसनायक हवा सिंह की स्मृति में निर्मित शहीद स्थल और आदमकद प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया गया। इस अवसर पर सहकारिता, कारागार, निर्वाचन, विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि शहीदों के बलिदान और सीमाओं पर तैनात जवानों की मुस्तैदी से ही देश सुरक्षित और सशक्त बन रहा है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र सेवा की भावना को जीवन में उतारने का आह्वान किया।
शहीद हवा सिंह प्रतिमा लोकार्पण: सम्मान और स्मरण
गांव गुहणा में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया और शहीद हवा सिंह को श्रद्धांजलि दी गई। मंत्री ने शहीद परिवारजनों से संवाद करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन केवल स्मारक निर्माण नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देने का माध्यम हैं।उन्होंने कहा कि हरियाणा वीरों की धरती रही है और यहां से बड़ी संख्या में युवा सेना में सेवा दे रहे हैं। राज्य और केंद्र सरकार सैनिकों के सम्मान और कल्याण के लिए लगातार कदम उठा रही हैं।
सैनिक कल्याण योजनाओं पर जोर
कार्यक्रम में सैनिकों और पूर्व सैनिकों के लिए चलाई जा रही योजनाओं का उल्लेख किया गया। बताया गया कि बीते वर्षों में शहीद परिवारों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि में वृद्धि की गई है। साथ ही आश्रितों को सरकारी नौकरियों में अवसर प्रदान किए गए हैं।शिक्षा के क्षेत्र में भी शहीद एवं अर्धसैनिक बलों के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति योजनाएं लागू हैं। कक्षा 6 से उच्च शिक्षा तक निर्धारित वार्षिक सहायता राशि देने की व्यवस्था की गई है, ताकि आर्थिक कारणों से पढ़ाई प्रभावित न हो।
अग्निवीर नीति और युवाओं की भूमिका
मंत्री ने कहा कि नई रक्षा नीतियों के माध्यम से युवाओं को देश सेवा का अवसर मिल रहा है। राज्य स्तर पर अग्निवीर नीति लागू कर उन्हें भविष्य में सरकारी और निजी क्षेत्र में अवसर देने की तैयारी की गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि शहीद अग्निवीर के परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करने का प्रावधान किया गया है, जिससे परिजनों को सुरक्षा और सम्मान मिल सके।
विकास कार्यों की सौगात
शहीद हवा सिंह प्रतिमा लोकार्पण कार्यक्रम के साथ ही गांव में विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया। प्रतिमा स्थल के निर्माण पर लगभग 20 लाख रुपये की लागत आई।इसके अतिरिक्त तालाब की चारदीवारी, गली निर्माण, सब-हेल्थ सेंटर और एससी चौपाल जैसी परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई। गांव में पेयजल समस्या के समाधान के लिए भी धनराशि स्वीकृत किए जाने की जानकारी दी गई।
‘मन की बात’ कार्यक्रम में सहभागिता
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री के मासिक संवाद कार्यक्रम को भी ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं के साथ सुना गया। इसमें खेल, डिजिटल जागरूकता और नवाचार जैसे विषयों पर चर्चा की गई। मंत्री ने कहा कि समाज को सकारात्मक दिशा देने में ऐसे कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सार्वजनिक प्रभाव और सामाजिक संदेश
विशेषज्ञों का मानना है कि शहीद स्मारक केवल श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना का प्रतीक होते हैं। इससे युवाओं में देशभक्ति की भावना सुदृढ़ होती है और समाज में सैन्य बलों के प्रति सम्मान बढ़ता है।
निष्कर्ष
शहीद हवा सिंह प्रतिमा लोकार्पण केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि बलिदान की विरासत को सहेजने का प्रयास है। ऐसे कार्यक्रम समाज को यह याद दिलाते हैं कि राष्ट्र की सुरक्षा के पीछे अनगिनत त्याग और समर्पण की कहानियां हैं। इन स्मृतियों को जीवित रखना ही सच्ची श्रद्धांजलि है।