नियंत्रित क्षेत्र में अवैध कॉलोनियों पर एसएमडीए की सख्त कार्रवाई
सोनीपत जिले में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ सोनीपत महानगर विकास प्राधिकरण (एसएमडीए) ने एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की है। गांव नाहरी की राजस्व संपदा के नियंत्रित क्षेत्र नाहरी और कतलूपुर में अवैध रूप से विकसित की जा रही कॉलोनियों और निर्माणों को ध्वस्त कर दिया गया। इस कार्रवाई में करीब 20 एकड़ क्षेत्र में फैली अवैध कॉलोनियों को पूरी तरह गिराया गया, जिससे भू-माफियाओं और अवैध निर्माणकर्ताओं में हड़कंप मच गया।
एसएमडीए की यह कार्रवाई एन्फोर्समेंट टीम के माध्यम से की गई, जिसमें भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। कार्रवाई का उद्देश्य नियंत्रित क्षेत्रों में बिना अनुमति हो रहे निर्माणों पर रोक लगाना और नियोजित विकास को सुनिश्चित करना बताया गया है।
गांव नाहरी में कई अवैध कॉलोनियां चिन्हित
प्राधिकरण द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, गांव नाहरी में अलग-अलग स्थानों पर अवैध रूप से विकसित की जा रही कॉलोनियों को चिन्हित कर चरणबद्ध तरीके से ध्वस्त किया गया। एक स्थान पर लगभग 5 एकड़ क्षेत्र में फैली अवैध कॉलोनी को गिराया गया, जहां करीब 90 डीपीसी, तीन बाउंड्रीवाल, डेढ़ एकड़ में बने कच्चे रास्ते और 120 मीटर लंबी ईंट से बनी गलियां मौजूद थीं।
इसी गांव में लगभग पांच एकड़ में विकसित की जा रही एक अन्य अवैध कॉलोनी में भी कार्रवाई की गई। यहां करीब 50 डीपीसी, दस बाउंड्रीवाल, एक अवैध निर्माणाधीन मकान, तीन एकड़ में कच्चे रास्ते और ईंट से बनी गलियों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया।
शुरुआती दौर में ही रोका गया अवैध निर्माण
एसएमडीए अधिकारियों ने बताया कि कुछ स्थानों पर अवैध निर्माण प्रारंभिक अवस्था में ही पकड़ लिए गए, जिससे उन्हें आगे बढ़ने से पहले ही रोक दिया गया। गांव नाहरी में लगभग 1.5 एकड़ क्षेत्र में फैली एक अवैध कॉलोनी में निर्माणाधीन कमरे और करीब 60 मीटर लंबी बाउंड्रीवाल को तुरंत ध्वस्त कर दिया गया।
इसके अतिरिक्त, लगभग 6.5 एकड़ भूमि में फैली एक अन्य अवैध कॉलोनी में 40 डीपीसी, 15 बाउंड्रीवाल और दो एकड़ में बनी ईंट की सड़क को भी पूरी तरह तोड़ दिया गया। इस व्यापक कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि अवैध निर्माण किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।
प्रॉपर्टी डीलरों की भूमिका पर सवाल
एसएमडीए की डीटीपी नीलम शर्मा ने बताया कि ये सभी अवैध कॉलोनियां और निर्माण प्रॉपर्टी डीलरों द्वारा विकसित किए जा रहे थे। डीलर नियंत्रित क्षेत्र में बिना किसी अनुमति के कॉलोनी काटकर लोगों को प्लॉट बेच रहे थे और उन्हें वैध होने का भ्रम दिया जा रहा था।
उन्होंने स्पष्ट किया कि नियंत्रित क्षेत्र में किसी भी प्रकार का निर्माण करने से पहले एसएमडीए के सीईओ से अनुमति लेना अनिवार्य है। बिना अनुमति किए गए निर्माणों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
आमजन के लिए चेतावनी और अपील
नीलम शर्मा ने आम नागरिकों से अपील की कि वे भू-माफियाओं और अवैध कॉलोनियों के बहकावे में आकर अपनी मेहनत की कमाई को जोखिम में न डालें। उन्होंने कहा कि अवैध कॉलोनियों में न तो बुनियादी सुविधाएं मिलती हैं और न ही भविष्य में उन्हें वैध किए जाने की कोई गारंटी होती है।
उन्होंने यह भी बताया कि सरकार द्वारा ऐसी कॉलोनियों में सड़क, पानी, सीवर, बिजली जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जातीं, जिससे प्लॉट खरीदने वाले लोग बाद में गंभीर समस्याओं में फंस जाते हैं।
नियोजित विकास की दिशा में प्रशासन का प्रयास
एसएमडीए का कहना है कि यह कार्रवाई केवल अवैध निर्माणों को हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि सोनीपत जिले में नियोजित और संतुलित विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम है। नियंत्रित क्षेत्रों में अवैध निर्माण न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि भविष्य की शहरी योजना के लिए भी गंभीर चुनौती पैदा करता है।
प्राधिकरण ने बताया कि नागरिक किसी भी प्रकार की जानकारी या वैधता की पुष्टि के लिए एसएमडीए कार्यालय, चौथा तल, काराधान विभाग, सेक्टर-12, सोनीपत में संपर्क कर सकते हैं।