सोनीपत में कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक की अध्यक्षता करते राज्यमंत्री गौरव गौतम
सोनीपत में गुरुवार को आयोजित कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक एक बार फिर आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी मंच बनकर सामने आई। हरियाणा के युवा अधिकारिता एवं उद्यमिता राज्यमंत्री गौरव गौतम की अध्यक्षता में लघु सचिवालय में आयोजित इस बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़ी कुल 15 शिकायतों पर सुनवाई की गई। इनमें से सात शिकायतों का समाधान मौके पर ही कर दिया गया, जबकि शेष मामलों में संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए गए।
राज्यमंत्री ने बैठक की शुरुआत में ही स्पष्ट कर दिया कि गलत तरीके से पैसों की धोखाधड़ी करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि यदि किसी भी स्तर पर आर्थिक धोखाधड़ी की पुष्टि होती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
धोखाधड़ी के मामलों पर पुलिस को सख्त निर्देश
गांव शाहपुर तुर्क निवासी गुलाब सिंह द्वारा दर्ज कराई गई पैसों की धोखाधड़ी से जुड़ी शिकायत पर राज्यमंत्री ने डीसीपी को तुरंत जांच के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में देरी न केवल पीड़ित को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि समाज में गलत संदेश भी देती है। इसलिए जांच निष्पक्ष, तेज और परिणामोन्मुखी होनी चाहिए।
उन्होंने पुलिस विभाग को दो टूक शब्दों में कहा कि आर्थिक अपराधों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की जाए और शिकायतकर्ता को बार-बार थानों और कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें।
शिकायतकर्ताओं को समय पर सूचना देना अनिवार्य
बैठक के दौरान राज्यमंत्री गौरव गौतम ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि कष्ट निवारण समिति में रखी जाने वाली शिकायतों की सूचना संबंधित शिकायतकर्ता को समय रहते दी जाए। उन्होंने कहा कि कई बार शिकायतकर्ता को बैठक की जानकारी न मिलने के कारण समाधान की प्रक्रिया प्रभावित होती है। यदि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
यह निर्देश प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे आमजन का भरोसा व्यवस्था पर बना रह सके।
जमीन और रियल एस्टेट से जुड़े मामलों पर फोकस
बैठक में रियल एस्टेट और भूमि विवादों से जुड़े कई मामलों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। फरीदाबाद निवासी सुमन रानी की शिकायत पर राज्यमंत्री ने एसडीएम की अध्यक्षता में एक जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए। इस समिति में डीटीपी, एसीपी और नायब तहसीलदार को शामिल किया गया है, जो मामले की जांच कर शिकायतकर्ता की जमा राशि के रिफंड की प्रक्रिया सुनिश्चित करेगी।
इसी प्रकार, गांव खेडी मनाजात निवासी पिंकी की जमीन से संबंधित शिकायत पर एसीपी को निर्देश दिए गए कि दोनों पक्षों को बुलाकर आपसी सहमति से समाधान कराया जाए।
पारिवारिक हस्तांतरण और अवैध कब्जे के मामले
दिल्ली के पीतमपुरा निवासी माहित सलवान ने अपनी मां के नाम पर स्थित संपत्ति के कथित गलत पारिवारिक हस्तांतरण की शिकायत दर्ज कराई। इस पर राज्यमंत्री ने पुलिस को जांच के आदेश देते हुए कहा कि यदि किसी प्रकार की धोखाधड़ी पाई जाती है तो दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।
इसके अलावा, पंचायती जमीन और तालाब पर अवैध कब्जे से जुड़े मामलों पर भी कड़ा रुख अपनाया गया। गांव भटाना जाफराबाद निवासी महेंद्र की शिकायत पर तहसीलदार और बीडीपीओ को तुरंत निशानदेही कर कब्जा हटाने के निर्देश दिए गए।
सामाजिक और मानवीय मामलों पर भी संवेदनशील रुख
बैठक में केवल प्रशासनिक और कानूनी ही नहीं, बल्कि मानवीय पहलुओं से जुड़े मामलों पर भी ध्यान दिया गया। बैंयापुर खुर्द निवासी अनीता द्वारा अपने गायब पुत्र की तलाश से जुड़ी शिकायत पर राज्यमंत्री ने एसीपी को व्यक्तिगत रूप से मामले की निगरानी करने के निर्देश दिए।
वहीं, सोनीपत निवासी सुनीता की रोजगार से जुड़ी शिकायत पर सहायक श्रम आयुक्त को निर्देश दिए गए कि उन्हें किसी अन्य निजी कंपनी में रोजगार दिलाने के प्रयास किए जाएं।
सामुदायिक समस्याओं पर संयुक्त समितियों का गठन
सेक्टर-26 स्थित मैपस्को क्षेत्र के निवासियों द्वारा सुविधाओं की कमी को लेकर की गई शिकायत पर नगर निगम की संयुक्त आयुक्त की अध्यक्षता में समिति गठित करने के आदेश दिए गए। समिति को निर्देश दिया गया कि क्षेत्रवासियों की समस्याएं सुनकर उनका शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए।
इसी तरह, गांव पांची जाटान के निवासियों द्वारा ग्राम शमलात भूमि पर बने मकानों से संबंधित शिकायत पर उपायुक्त को सरकार की नीति के अनुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी
इस बैठक में विधायक पवन खरखौदा, उपायुक्त सुशील सारवान, डीसीपी नरेंद्र कुमार, अतिरिक्त उपायुक्त लक्षित सरीन, एसडीएम सुभाष चंद्र, नगराधीश डॉ. अनमोल, जिला परिषद चेयरपर्सन मोनिका दहिया और भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक भारद्वाज सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
उनकी मौजूदगी ने यह संकेत दिया कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि मिलकर जनसमस्याओं के समाधान के लिए गंभीर प्रयास कर रहे हैं।