बीट्स मोहाना में एनएसएस स्वयंसेवकों को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण देते विशेषज्ञ
सोनीपत, 30 जनवरी:
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) सोनीपत की ओर से युवाओं को आपदा से निपटने के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। बीट्स मोहाना में 150 राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) स्वयंसेवकों के लिए सात दिवसीय विशेष आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है, जो 05 फरवरी 2026 तक चलेगा। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ शुक्रवार को उपायुक्त सुशील सारवान ने मुख्य अतिथि के रूप में किया।
युवाओं की भूमिका को बताया गया अहम
उद्घाटन सत्र में उपायुक्त सुशील सारवान ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि आपदा प्रबंधन केवल प्रशासनिक तंत्र की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रशिक्षित युवा किसी भी आपदा के समय समुदाय के लिए सबसे पहले मदद पहुंचाने वाले बन सकते हैं।
उपायुक्त ने कहा कि एनएसएस से जुड़े स्वयंसेवक यदि आपदा प्रबंधन के आवश्यक कौशलों से लैस हों, तो वे जन-धन की हानि को काफी हद तक कम कर सकते हैं। ऐसे स्वयंसेवक आपात स्थिति में प्रशासन और आम नागरिकों के बीच एक मजबूत सेतु का काम करते हैं।
प्रशिक्षण का उद्देश्य और संरचना
यह सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम स्वयंसेवकों को आपदा से पहले की तैयारी, आपदा के समय त्वरित प्रतिक्रिया और आपदा के बाद पुनर्प्राप्ति की प्रक्रिया से परिचित कराने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। कार्यक्रम के दौरान सैद्धांतिक जानकारी के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि स्वयंसेवक वास्तविक परिस्थितियों में प्रभावी भूमिका निभा सकें।
प्रशिक्षण सत्रों में आपदा प्रबंधन की बुनियादी अवधारणाओं को सरल भाषा में समझाया जा रहा है। इनमें प्राकृतिक और मानव-जनित आपदाओं के प्रकार, जोखिम आकलन, आपदा से पूर्व चेतावनी प्रणाली, प्राथमिक उपचार, राहत एवं बचाव कार्यों की प्रक्रिया जैसे विषय शामिल हैं।
समुदाय आधारित आपदा प्रबंधन पर जोर
कार्यक्रम में समुदाय आधारित आपदा प्रबंधन को विशेष महत्व दिया गया है। विशेषज्ञों ने स्वयंसेवकों को बताया कि किसी भी आपदा के समय स्थानीय समुदाय की भूमिका सबसे अहम होती है। यदि समुदाय के लोग पहले से प्रशिक्षित और जागरूक हों, तो नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता है।
एनएसएस स्वयंसेवकों को यह भी समझाया गया कि आपदा के समय अफवाहों से बचना, सही सूचना का प्रसार करना और प्रशासन के निर्देशों का पालन करवाना कितना जरूरी है। इसके साथ ही स्वयंसेवकों को आपसी समन्वय और टीम वर्क का महत्व भी बताया गया।
‘युवा आपदा मित्र योजना’ के तहत प्रायोजित कार्यक्रम
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम भारत सरकार के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) द्वारा संचालित युवा आपदा मित्र योजना के अंतर्गत प्रायोजित है। इस योजना का उद्देश्य देशभर में ऐसे प्रशिक्षित युवा स्वयंसेवकों का नेटवर्क तैयार करना है, जो आपदा के समय प्रशासन के साथ मिलकर राहत एवं बचाव कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवकों को यह भी जानकारी दी गई कि भविष्य में इस तरह के प्रशिक्षण उन्हें सामाजिक सेवा के साथ-साथ व्यक्तिगत विकास के अवसर भी प्रदान कर सकते हैं।
प्रशासनिक और सामाजिक सहभागिता
प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर एसडीएम सोनीपत सुभाष चंद्र, भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक भारद्वाज, परियोजना अधिकारी विनित कादियान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं को आपदा प्रबंधन में प्रशिक्षित करना समय की आवश्यकता है।
क्यों जरूरी है ऐसा प्रशिक्षण
हरियाणा सहित देश के कई हिस्सों में बाढ़, आगजनी, सड़क दुर्घटनाएं और अन्य आपात स्थितियां समय-समय पर सामने आती रहती हैं। ऐसे में यदि स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित स्वयंसेवक मौजूद हों, तो राहत कार्य तेजी से शुरू किए जा सकते हैं। यह प्रशिक्षण न केवल प्रशासन का बोझ कम करता है, बल्कि समाज में सुरक्षा और भरोसे की भावना भी मजबूत करता है।