सोनीपत रोजगार मेला में कंपनियों के प्रतिनिधि युवाओं का साक्षात्कार लेते हुए।
सोनीपत रोजगार मेला जिले के युवाओं के लिए नई उम्मीद लेकर आया है। जीवीएम कॉलेज परिसर में आयोजित इस मेले में बड़ी संख्या में युवाओं ने रोजगार की तलाश में भागीदारी की। प्रशासन के अनुसार, यह आयोजन स्थानीय स्तर पर रोजगार अवसरों को सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।रोजगार की बढ़ती चुनौती के बीच ऐसे आयोजनों को युवाओं और उद्योग जगत के बीच सेतु के रूप में देखा जा रहा है। कार्यक्रम में न केवल निजी कंपनियों की भागीदारी रही, बल्कि चयन प्रक्रिया को भी पारदर्शी और त्वरित रखने का प्रयास किया गया।
सोनीपत रोजगार मेला में युवाओं की सक्रिय भागीदारी
जिला रोजगार विभाग की पहल पर आयोजित इस मेले में करीब 500 से अधिक युवाओं ने पंजीकरण कर साक्षात्कार प्रक्रिया में हिस्सा लिया। विभिन्न शैक्षणिक पृष्ठभूमि और कौशल वाले अभ्यर्थियों ने अलग-अलग क्षेत्रों की कंपनियों के समक्ष अपनी योग्यता प्रस्तुत की।आयोजकों के अनुसार, 200 से अधिक अभ्यर्थियों का मौके पर ही चयन कर लिया गया, जबकि अन्य को आगे की चयन प्रक्रिया के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। यह आंकड़ा इस बात का संकेत है कि स्थानीय स्तर पर रोजगार की संभावनाएं मौजूद हैं, बशर्ते मंच उपलब्ध कराया जाए।
25 कंपनियों ने दिखाई रुचि
मेले में बैंकिंग, स्वास्थ्य, बीमा, शिक्षा और औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ी कुल 25 कंपनियों ने भाग लिया। इनमें निजी अस्पताल, वित्तीय संस्थान, बीमा कंपनियां, स्कूल और औद्योगिक संगठन शामिल रहे। कंपनियों के प्रतिनिधियों ने मौके पर ही इंटरव्यू लेकर योग्य उम्मीदवारों का चयन किया।उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने बताया कि उन्हें स्थानीय प्रतिभा में पर्याप्त क्षमता दिखाई दी। कई कंपनियों ने भविष्य में भी ऐसे आयोजनों में भाग लेने की इच्छा जताई।
प्रशासन की रणनीति और उद्देश्य
जिला रोजगार अधिकारी के अनुसार, इस आयोजन का उद्देश्य केवल नौकरी उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि युवाओं को सही दिशा और मार्गदर्शन देना भी था। विभाग की ओर से युवाओं को आवेदन प्रक्रिया, दस्तावेज सत्यापन और साक्षात्कार से संबंधित जानकारी भी दी गई।विशेषज्ञों का मानना है कि जिला स्तर पर आयोजित होने वाले ऐसे रोजगार मेले ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के युवाओं के लिए विशेष रूप से लाभकारी साबित हो सकते हैं, क्योंकि उन्हें बड़े शहरों में जाने की आवश्यकता कम पड़ती है।
शिक्षण संस्थानों की भूमिका
जीवीएम कॉलेज प्रशासन ने आयोजन में सहयोग करते हुए परिसर और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए। कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि शैक्षणिक संस्थानों की जिम्मेदारी केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को रोजगार से जोड़ना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।कार्यक्रम में कॉलेज प्रबंधन, रोजगार विभाग के अधिकारी और अन्य स्टाफ सदस्य मौजूद रहे। आयोजन को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं।
युवाओं के लिए अवसर और चुनौतियां
हालांकि 200 से अधिक युवाओं का चयन सकारात्मक संकेत है, लेकिन शेष अभ्यर्थियों के लिए यह एक सीख भी है कि कौशल विकास और प्रतिस्पर्धा की तैयारी लगातार जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार, आज के समय में तकनीकी दक्षता, संचार कौशल और व्यावसायिक व्यवहार चयन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।रोजगार मेले जैसे प्लेटफॉर्म युवाओं को यह समझने का अवसर देते हैं कि बाजार की मांग क्या है और उन्हें अपनी तैयारी किस दिशा में करनी चाहिए।
इस खबर का असर क्या होगा?
सोनीपत रोजगार मेला का सीधा असर स्थानीय बेरोजगार युवाओं पर पड़ेगा। इससे यह संदेश जाता है कि जिला प्रशासन रोजगार सृजन के लिए सक्रिय है और निजी क्षेत्र के साथ मिलकर अवसर उपलब्ध कराने की कोशिश कर रहा है।यदि भविष्य में भी इसी प्रकार नियमित अंतराल पर आयोजन होते रहे, तो इससे बेरोजगारी दर में कमी लाने और युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद मिल सकती है। साथ ही, सोनीपत रोजगार मेला जैसे प्रयास अन्य जिलों के लिए भी मॉडल बन सकते हैं।
निष्कर्ष
वर्तमान आर्थिक परिदृश्य में रोजगार उपलब्ध कराना एक बड़ी चुनौती है। ऐसे में सोनीपत रोजगार मेला जैसे आयोजन स्थानीय स्तर पर सार्थक पहल के रूप में सामने आते हैं। यह केवल चयन का आंकड़ा नहीं, बल्कि प्रशासन, शिक्षण संस्थान और निजी कंपनियों के साझा प्रयास का परिणाम है।आवश्यक है कि इन पहलों को निरंतरता मिले, ताकि अधिक से अधिक युवा औपचारिक रोजगार से जुड़ सकें और क्षेत्रीय विकास को गति मिल सके।