समाधान शिविर में शिकायतों की सुनवाई करते अधिकारी
सोनीपत जिले में आम नागरिकों की समस्याओं को सीधे प्रशासन तक पहुंचाने और उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित समाधान शिविर एक प्रभावी मंच के रूप में सामने आ रहा है। सोमवार को लघु सचिवालय, सोनीपत में आयोजित समाधान शिविर के दौरान कुल 21 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिन पर उपायुक्त सुशील सारवान ने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का शीघ्र, निष्पक्ष और संतोषजनक निवारण किया जाए।
उपायुक्त ने कहा कि समाधान शिविर केवल औपचारिक सुनवाई तक सीमित न रहे, बल्कि इसका वास्तविक उद्देश्य जनता की समस्याओं का धरातल पर समाधान है। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण के बाद संबंधित शिकायतकर्ता से संपर्क कर उसकी संतुष्टि की पुष्टि अवश्य की जाए।
गांव बैंयापुर और पीपली से जुड़ी शिकायतों पर कार्रवाई
समाधान शिविर के दौरान गांव बैंयापुर से आए शिकायतकर्ताओं ने अपनी गली को चौड़ा और दुरुस्त करवाने की मांग रखी। इस पर उपायुक्त ने जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी (डीडीपीओ) को निर्देश दिए कि तकनीकी जांच के बाद जल्द से जल्द आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीणों को आवागमन में हो रही परेशानी से राहत मिल सके।
इसी प्रकार पीपली गांव से आए एक अन्य शिकायतकर्ता ने प्लाटों से संबंधित समस्या रखी। उपायुक्त ने इस मामले में उपमंडल अधिकारी (एसडीएम) को आवश्यक निर्देश देते हुए कहा कि राजस्व रिकॉर्ड और स्थानीय स्थिति का अध्ययन कर समयसीमा के भीतर समाधान प्रस्तुत किया जाए।
पेंशन, परिवार पहचान पत्र सहित विभिन्न शिकायतें
सोमवार के समाधान शिविर में सामाजिक सुरक्षा पेंशन, परिवार पहचान पत्र (पीपीपी), राजस्व और स्थानीय प्रशासन से जुड़ी कई शिकायतें सामने आईं। उपायुक्त सुशील सारवान ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि जिन मामलों में दस्तावेजों की कमी या तकनीकी त्रुटियां हैं, उन्हें मौके पर ही दूर किया जाए, ताकि पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।
उन्होंने कहा कि पेंशन और परिवार पहचान पत्र से जुड़ी समस्याएं सीधे तौर पर आमजन के जीवन स्तर को प्रभावित करती हैं, इसलिए इनमें किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।
अधिकारियों की मौजूदगी ने बढ़ाया समाधान का भरोसा
इस समाधान शिविर में प्रशासन के विभिन्न स्तरों के अधिकारी उपस्थित रहे, जिससे शिकायतों पर त्वरित निर्णय संभव हो सका। मौके पर एसडीएम सुभाष चंद्र, सीटीएम डॉ. अनमोल, एसीपी राजपाल सिंह, एसीयूटी योगेश दिल्हौर, डीआरओ सुशील शर्मा, डीडीपीओ मनीष मलिक सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों की संयुक्त मौजूदगी से कई मामलों में प्राथमिक स्तर पर ही समाधान की दिशा तय कर दी गई।
गन्नौर में भी समाधान शिविर का आयोजन
सोनीपत जिले के गन्नौर उपमंडल में भी सोमवार को लघु सचिवालय में समाधान शिविर का आयोजन किया गया। यहां कुल दो शिकायतें प्राप्त हुईं। तहसीलदार ललिता दहिया ने इन शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
गांव अगवानपुर से आए एक शिकायतकर्ता ने अवैध कब्जों से संबंधित समस्या उठाई, जबकि वार्ड-6 से अवैध रूप से पानी का पंप लगाए जाने की शिकायत सामने आई। तहसीलदार ने दोनों मामलों में नियमानुसार जांच कर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
गन्नौर शिविर में भी प्रशासनिक टीम सक्रिय
गन्नौर में आयोजित समाधान शिविर के दौरान एसीपी ऋषिकांत, एसडीई भूपेंद्र, एसडीओ जसमीत सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने शिकायतकर्ताओं को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा और आवश्यक होने पर मौके पर निरीक्षण भी किया जाएगा।
प्रशासन और जनता के बीच संवाद का सशक्त माध्यम
समाधान शिविरों का मुख्य उद्देश्य प्रशासन और जनता के बीच सीधे संवाद को मजबूत करना है। ऐसे शिविरों से न केवल लंबित शिकायतों का निवारण होता है, बल्कि लोगों में यह विश्वास भी बढ़ता है कि उनकी आवाज सुनी जा रही है। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी समाधान शिविरों की नियमित समीक्षा की जाएगी और जिन अधिकारियों द्वारा लापरवाही बरती जाएगी, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।