सोनीपत स्टार्टअप समिट 4.0 के दौरान खेल क्षेत्र से जुड़े स्टार्टअप विचार प्रस्तुत करते युवा।
सोनीपत स्टार्टअप समिट 4.0 में युवाओं की उद्यमशील ऊर्जा और खेल क्षेत्र में नवाचार की संभावनाएं केंद्र में रहीं। आईआईटी दिल्ली टेक्नोपार्क, राई में आयोजित इस इंडस्ट्री एक्सेलेरेशन एडिशन ने स्टार्टअप इकोसिस्टम, शिक्षा जगत और उद्योग जगत को एक साझा मंच पर जोड़ा।
कार्यक्रम में केंद्रीय युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेते हुए कहा कि भारत का युवा स्टार्टअप परिदृश्य को नई दिशा दे रहा है। उन्होंने खेल क्षेत्र में नवाचार को विकसित भारत के लक्ष्य से जोड़ा।
सोनीपत स्टार्टअप समिट 4.0 में खेल स्टार्टअप्स पर फोकस
समिट के दौरान प्रस्तुत स्टार्टअप विचारों में स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी, फिटनेस समाधान और एथलीट सपोर्ट सिस्टम प्रमुख रहे। मंत्री ने कहा कि खेल अब केवल प्रतियोगिता या पदक तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं की जीवनशैली, स्वास्थ्य और राष्ट्र निर्माण से जुड़ा विषय है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि खेल क्षेत्र में टेक्सटाइल, फुटवियर, न्यूट्रिशन, सप्लीमेंट्स, स्पोर्ट्स इक्विपमेंट, कोचिंग प्लेटफॉर्म और एथलीट क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में व्यापक संभावनाएं हैं। यदि इन क्षेत्रों में स्वदेशी ब्रांड और मानक विकसित किए जाएं तो भारत वैश्विक खेल उद्योग में मजबूत उपस्थिति दर्ज करा सकता है।
सरकार की पहल और आर्थिक परिप्रेक्ष्य
मंत्री ने कहा कि स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी पहलों ने देश की अर्थव्यवस्था को गति दी है। भारत विश्व की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और इसमें युवाओं की भूमिका निर्णायक है।
उन्होंने संकेत दिया कि खेल उद्योग को बढ़ावा देने के लिए बजट में खेल सामान निर्माण को प्रोत्साहन देने के प्रावधान किए गए हैं। यदि तकनीक और नवाचार को व्यवस्थित समर्थन मिले तो भारत 2036 ओलंपिक जैसे दीर्घकालिक लक्ष्यों की दिशा में भी मजबूत दावेदारी कर सकता है।
शिक्षा संस्थानों की भागीदारी
आईआईटी दिल्ली टेक्नोपार्क में आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षा, उद्योग और नीति-निर्माण से जुड़े कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। मंच पर हरियाणा खेल विश्वविद्यालय, विभिन्न विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों के प्रतिनिधियों ने स्टार्टअप सहयोग, अनुसंधान और कौशल विकास की आवश्यकता पर विचार साझा किए।
विशेषज्ञों ने कहा कि स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए उद्योग–अकादमिक सहयोग, इन्क्यूबेशन सुविधाएं और निवेश समर्थन अनिवार्य हैं। इससे स्थानीय उद्यमों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचने में सहायता मिल सकती है।
युवाओं और खेल संस्कृति पर प्रभाव
मंत्री ने अपने संबोधन में डिजिटल युग की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि खेल युवाओं को मानसिक और शारीरिक रूप से सशक्त बनाता है। तकनीक के दुष्प्रभावों से बचाव और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने में खेल की महत्वपूर्ण भूमिका है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि खेल और उद्यमिता को एकीकृत दृष्टिकोण से आगे बढ़ाया जाए तो यह रोजगार सृजन, नवाचार और सामाजिक विकास का प्रभावी माध्यम बन सकता है।
इस खबर का असर क्या होगा?
सोनीपत स्टार्टअप समिट 4.0 जैसे आयोजन युवाओं को उद्यमिता की दिशा में प्रेरित करते हैं और खेल उद्योग में निवेश की संभावनाओं को रेखांकित करते हैं। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और नवाचार को बढ़ावा मिल सकता है।
यदि खेल स्टार्टअप्स को संस्थागत समर्थन और नीति स्तर पर प्रोत्साहन मिलता है, तो भारत का खेल उद्योग आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकता है। दीर्घकाल में यह आर्थिक विकास और अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतिस्पर्धा दोनों पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
निष्कर्ष
सोनीपत स्टार्टअप समिट 4.0 ने यह संकेत दिया है कि युवा शक्ति, तकनीक और खेल क्षेत्र का संगम भारत की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। नीति समर्थन, उद्योग सहयोग और शिक्षा संस्थानों की सक्रिय भागीदारी से खेल नवाचार को नई गति मिल सकती है।