सोनीपत में व्यवसायिक मार्गदर्शन सप्ताह के दौरान विद्यार्थियों को संबोधित करते जिला रोजगार अधिकारी
सोनीपत जिले में विद्यार्थियों को शिक्षा और रोजगार के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जिला रोजगार कार्यालय द्वारा व्यवसायिक मार्गदर्शन सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन 2 फरवरी से 6 फरवरी तक जिले के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में किया जा रहा है, ताकि स्कूली स्तर पर ही विद्यार्थियों को भविष्य की दिशा तय करने में मार्गदर्शन मिल सके।
इसी क्रम में बुधवार को गन्नौर स्थित स्वामी चेतना वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला रोजगार अधिकारी मनोज कुमार ने की। इस अवसर पर विद्यालय के 11वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को शिक्षा, करियर विकल्प और रोजगार की संभावनाओं से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
लक्ष्य तय कर सुनियोजित तैयारी की जरूरत
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला रोजगार अधिकारी मनोज कुमार ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। यदि विद्यार्थी अपने लक्ष्य को स्पष्ट रूप से पहचान लें और सुनियोजित ढंग से तैयारी करें, तो कम समय में भी सफलता हासिल की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में सही मार्गदर्शन और समयबद्ध योजना के बिना लक्ष्य प्राप्त करना कठिन हो जाता है। इसलिए विद्यार्थियों को चाहिए कि वे अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार लक्ष्य निर्धारित करें और नियमित मेहनत को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
ग्रामीण परिवेश में भी प्रतिभाओं की कमी नहीं
मनोज कुमार ने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रतिभा किसी शहर या गांव की मोहताज नहीं होती। ग्रामीण परिवेश में भी अपार प्रतिभाएं मौजूद हैं, जरूरत केवल उन्हें पहचानने और सही दिशा देने की है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। शिक्षक यदि सही समय पर मार्गदर्शन दें, तो विद्यार्थी अपनी सीमाओं को पार कर बेहतर भविष्य बना सकते हैं।
शिक्षा के साथ रोजगार अवसरों की जानकारी
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध रोजगार अवसरों की जानकारी भी दी गई। जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि आज केवल पारंपरिक नौकरियों तक सीमित रहने की आवश्यकता नहीं है। तकनीकी क्षेत्र, कौशल आधारित रोजगार, निजी क्षेत्र और स्वरोजगार के अनेक अवसर युवाओं के लिए उपलब्ध हैं।
इसके साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को केंद्र और राज्य सरकार द्वारा युवाओं के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी। इन योजनाओं का उद्देश्य युवाओं को प्रशिक्षण, रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना है।
विद्यार्थियों में दिखा उत्साह और जिज्ञासा
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में करियर को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। विद्यार्थियों ने अपने भविष्य, प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार से जुड़े सवाल पूछे, जिनका जिला रोजगार अधिकारी ने सरल और व्यावहारिक भाषा में उत्तर दिया।
विद्यालय प्रशासन का कहना है कि इस तरह के कार्यक्रम विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं और उन्हें सही दिशा में सोचने के लिए प्रेरित करते हैं।
शिक्षकों और प्रशासन की भूमिका अहम
कार्यक्रम में विद्यालय के प्रिंसिपल राजकुमार, जिला रोजगार कार्यालय के कर्मचारी, शिक्षकगण और स्कूल स्टाफ भी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में इस बात पर जोर दिया कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ करियर की जानकारी देना आज के समय की आवश्यकता है।
शिक्षकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों को भ्रम से निकालकर स्पष्ट लक्ष्य तय करने में मदद करते हैं।