राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अजरोंदा के छात्र पुलिस चौकी सेक्टर-15 में प्रशिक्षण के दौरान
फरीदाबाद में स्टूडेंट पुलिस कैडेट कार्यक्रम के तहत जागरूकता अभियान
फरीदाबाद में विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में स्टूडेंट पुलिस कैडेट (SPC) कार्यक्रम को सक्रिय रूप से लागू किया जा रहा है। इसी क्रम में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, अजरोंदा के विद्यार्थियों को पुलिस चौकी सेक्टर-15 का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को पुलिस की कार्यप्रणाली से परिचित कराना और सड़क सुरक्षा के प्रति व्यवहारिक समझ विकसित करना रहा।
यह गतिविधि माननीय पुलिस आयुक्त फरीदाबाद सतेन्द्र कुमार गुप्ता के दिशा-निर्देशन तथा पुलिस उपायुक्त मुख्यालय अभिषेक जोरवाल के मार्गदर्शन में आयोजित की गई। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने पुलिस व्यवस्था को नजदीक से देखा और समझा, जिससे उनके भीतर कानून, अनुशासन और नागरिक कर्तव्यों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित हो सके।
पुलिस चौकी भ्रमण से मिला वास्तविक अनुभव
शैक्षणिक भ्रमण के दौरान छात्रों को पुलिस चौकी सेक्टर-15 में ले जाया गया, जहां पुलिस अधिकारियों ने उन्हें दैनिक पुलिस ड्यूटी, कानून-व्यवस्था बनाए रखने की प्रक्रिया और क्षेत्रीय सुरक्षा प्रबंधन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। विद्यार्थियों को बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति में पुलिस किस प्रकार त्वरित निर्णय लेकर कार्रवाई करती है।
पुलिस संचार प्रणाली, वायरलेस सेट, कंट्रोल रूम से समन्वय और सूचना के आदान-प्रदान की प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया गया। इससे छात्रों को यह जानने का अवसर मिला कि पुलिस तंत्र किस तरह संगठित रूप से कार्य करता है और कैसे छोटी-सी सूचना भी बड़े मामलों में अहम भूमिका निभाती है।
कानून-व्यवस्था और नाकाबंदी व्यवस्था की जानकारी
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को नाकाबंदी व्यवस्था और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने की प्रक्रिया के बारे में भी बताया गया। पुलिस अधिकारियों ने समझाया कि शहर में शांति बनाए रखने के लिए किस प्रकार विभिन्न स्थानों पर चेकिंग की जाती है और इसका आम नागरिकों की सुरक्षा से क्या संबंध है।
इस संवादात्मक सत्र में छात्रों ने सवाल पूछे और पुलिस अधिकारियों ने धैर्यपूर्वक उनके उत्तर दिए। इससे विद्यार्थियों में पुलिस के प्रति भरोसा और सम्मान की भावना मजबूत हुई।
सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत विशेष जागरूकता
स्टूडेंट पुलिस कैडेट कार्यक्रम को सड़क सुरक्षा माह से भी जोड़ा गया। विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा नियमों, यातायात संकेतों और सुरक्षित ड्राइविंग व्यवहार के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि छोटी-सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।
विशेष रूप से हेलमेट और सीट बेल्ट के उपयोग, ओवरस्पीडिंग से बचाव, मोबाइल फोन का प्रयोग न करने और पैदल यात्रियों के अधिकारों पर जोर दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने छात्रों को यह भी समझाया कि सड़क सुरक्षा केवल नियमों का पालन नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार सामाजिक व्यवहार है।
सेक्टर-15 चौक पर ट्रैफिक प्रबंधन का व्यावहारिक ज्ञान
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा सेक्टर-15 चौक पर आयोजित किया गया, जहां विद्यार्थियों को वास्तविक ट्रैफिक संचालन दिखाया गया। पुलिस कर्मियों ने बताया कि व्यस्त चौराहों पर यातायात को सुचारु रखने के लिए किन रणनीतियों का उपयोग किया जाता है।
छात्रों ने देखा कि कैसे ट्रैफिक पुलिस संकेतों के माध्यम से वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करती है और दुर्घटनाओं की संभावना को कम करती है। यह व्यावहारिक अनुभव विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी रहा, क्योंकि इससे उन्होंने पुस्तकीय ज्ञान से आगे बढ़कर वास्तविक परिस्थितियों को समझा।
SPC कार्यक्रम का उद्देश्य और महत्व
स्टूडेंट पुलिस कैडेट कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। यह कार्यक्रम पुलिस और समाज के बीच सेतु का कार्य करता है, जिससे युवा पीढ़ी कानून को समझे और उसका सम्मान करे।
विद्यालय स्तर पर इस तरह के कार्यक्रम छात्रों को सकारात्मक दिशा देते हैं और उन्हें भविष्य में बेहतर नागरिक बनने के लिए प्रेरित करते हैं। साथ ही, यह पहल पुलिस के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर करने में भी सहायक सिद्ध होती है।
भविष्य में भी जारी रहेंगे ऐसे कार्यक्रम
पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि छात्र-हित और जन-जागरूकता से जुड़े ऐसे कार्यक्रम आगे भी निरंतर आयोजित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य युवाओं को अपराध से दूर रखना, उन्हें जागरूक बनाना और समाज में सुरक्षा संस्कृति को मजबूत करना है।
इस प्रकार के प्रयासों से पुलिस और आमजन के बीच संवाद बढ़ेगा और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में सामूहिक सहयोग संभव हो सकेगा।