सूर्य नमस्कार अभियान पलवल के दौरान विद्यार्थियों द्वारा सामूहिक योग अभ्यास।
सूर्य नमस्कार अभियान पलवल का अंतिम चरण
जिले में चल रहा सूर्य नमस्कार अभियान पलवल अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। हरियाणा योग आयोग और आयुष विभाग के संयुक्त तत्वावधान में संचालित यह अभियान 12 फरवरी को जिला स्तरीय कार्यक्रम के साथ औपचारिक रूप से समाप्त होगा।
स्वामी दयानंद सरस्वती जयंती के उपलक्ष्य में शुरू किया गया यह अभियान पिछले कुछ सप्ताह से जिले के स्कूलों, खेल परिसरों और सार्वजनिक स्थलों पर सक्रिय रूप से चल रहा है। इसका उद्देश्य आमजन, विशेषकर विद्यार्थियों और युवाओं में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
जिलेभर में हुआ नियमित अभ्यास
अभियान के तहत विभिन्न शिक्षण संस्थानों और सरकारी विभागों में सूर्य नमस्कार का सामूहिक अभ्यास कराया गया। अधिकारियों के अनुसार 12 फरवरी को गदपुरी स्थित गुरुकुल में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम के साथ सूर्य नमस्कार अभियान पलवल का समापन किया जाएगा।
जिला आयुर्वेद अधिकारी ने बताया कि इस पहल का लक्ष्य केवल औपचारिक आयोजन करना नहीं, बल्कि लोगों को नियमित योग अभ्यास की आदत से जोड़ना है। अभियान के दौरान प्रतिभागियों को सूर्य नमस्कार की विधि, सावधानियां और इसके वैज्ञानिक लाभों की जानकारी भी दी गई।
स्कूलों में विशेष जागरूकता
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, हथीन सहित कई विद्यालयों में आयुष योग सहायकों द्वारा विद्यार्थियों को सूर्य नमस्कार का अभ्यास कराया गया। अभ्यास के साथ-साथ योगासन के महत्व पर भी विस्तृत चर्चा की गई।
योग प्रशिक्षकों ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति लगातार 30 दिनों तक सूर्य नमस्कार का अभ्यास करता है, तो मानसिक और शारीरिक स्तर पर सकारात्मक परिवर्तन देखे जा सकते हैं। बच्चों के लिए यह अभ्यास एकाग्रता, स्मरण शक्ति और शारीरिक सुदृढ़ता बढ़ाने में सहायक माना जाता है।
स्वास्थ्य और प्रतिरोधक क्षमता पर प्रभाव
विशेषज्ञों के अनुसार सूर्य नमस्कार केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य सुधार की प्रक्रिया है। इससे पाचन तंत्र बेहतर होता है, शरीर में लचीलापन बढ़ता है और रक्त संचार सुचारु होता है। नियमित अभ्यास तनाव को कम करने और मानसिक शांति बनाए रखने में भी सहायक है।
परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए यह अभ्यास विशेष रूप से उपयोगी बताया गया है। बेहतर फोकस और संतुलित मानसिक स्थिति से अध्ययन क्षमता में वृद्धि होती है। इसी कारण विद्यालयों में इस अभियान को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है।
विभागीय सहयोग और व्यापक भागीदारी
अभियान में खेल विभाग, पुलिस विभाग और शिक्षा विभाग सहित विभिन्न संस्थानों की सहभागिता रही। सार्वजनिक स्थलों पर भी सामूहिक अभ्यास के माध्यम से आम नागरिकों को जोड़ा गया।
आयुष विभाग के अधिकारियों का कहना है कि योग को जनआंदोलन का रूप देने के लिए ऐसे कार्यक्रम आवश्यक हैं। सरकार की मंशा है कि योग केवल विशेष अवसरों तक सीमित न रहे, बल्कि दैनिक जीवन का हिस्सा बने।
पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक जीवनशैली
तेजी से बदलती जीवनशैली और बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं के बीच पारंपरिक योग पद्धति को फिर से मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया जा रहा है। सूर्य नमस्कार, जो बारह चरणों का समन्वित अभ्यास है, शरीर और मन दोनों को संतुलित रखने में सहायक माना जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल जीवनशैली के कारण शारीरिक गतिविधि में कमी आई है। ऐसे में सूर्य नमस्कार जैसे सरल और समयबद्ध अभ्यास लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की दिशा में प्रेरित कर सकते हैं।
इस खबर का असर क्या होगा?
सूर्य नमस्कार अभियान पलवल के समापन के साथ जिले में योग के प्रति जागरूकता का दायरा और विस्तृत होने की संभावना है। यदि नागरिक और विद्यार्थी नियमित अभ्यास को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाते हैं, तो इससे दीर्घकालिक स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं।
सामूहिक अभ्यास से सामाजिक जुड़ाव भी बढ़ता है और स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है। प्रशासन की यह पहल भविष्य में अन्य स्वास्थ्य अभियानों के लिए भी आधार तैयार कर सकती है।
निष्कर्ष
सूर्य नमस्कार अभियान पलवल केवल एक औपचारिक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि स्वास्थ्य जागरूकता की दिशा में उठाया गया संगठित कदम है। नियमित योग अभ्यास से न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य बेहतर होता है, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी होता है। अभियान का समापन एक चरण का अंत जरूर है, लेकिन स्वस्थ जीवनशैली की शुरुआत का संकेत भी है।