ट्रैक्टर सब्सिडी योजना में किसानों के चयन के लिए आयोजित ऑनलाइन ड्रॉ
सोनीपत जिले में कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए ट्रैक्टर सब्सिडी योजना के तहत आठ किसानों का चयन ऑनलाइन ड्रॉ के माध्यम से किया गया। यह पहल अनुसूचित जाति के किसानों को खेती की मुख्यधारा से जोड़ने और उनकी उत्पादन क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से की गई है।स्टेट प्लान स्कीम के अंतर्गत आयोजित इस प्रक्रिया में जिले भर से प्राप्त आवेदनों की समीक्षा के बाद विभागीय पोर्टल पर पारदर्शी तरीके से चयन किया गया। अधिकारियों का कहना है कि इस योजना से छोटे और सीमांत किसानों को तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
147 आवेदनों में से 8 का चयन
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अनुसार, वर्ष 2025-26 के लिए एसबी-89 योजना के तहत ट्रैक्टर पर अनुदान प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। 15 जनवरी तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए थे, जिनमें कुल 147 किसानों ने आवेदन किया।जिले के लिए आठ ट्रैक्टरों का लक्ष्य निर्धारित था। अतिरिक्त उपायुक्त की अध्यक्षता में आयोजित ऑनलाइन ड्रॉ के माध्यम से आठ किसानों का चयन किया गया, जबकि आठ अन्य किसानों को प्रतीक्षा सूची में रखा गया है।
प्रत्येक चयनित किसान को 3 लाख तक अनुदान
योजना के तहत चयनित किसानों को ट्रैक्टर खरीद पर लगभग 3 लाख रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जाएगी। यह राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण प्रक्रिया के माध्यम से जारी की जाएगी, बशर्ते किसान सभी आवश्यक दस्तावेज विभाग में जमा कर दें और स्वीकृति प्राप्त कर लें।अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि चयनित किसानों को सहायक कृषि अभियंता कार्यालय में आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। दस्तावेजों की जांच के बाद विभागीय अनुमोदन जारी किया जाएगा।
ट्रैक्टर सब्सिडी योजना का उद्देश्य और पृष्ठभूमि
राज्य सरकार की इस योजना का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति वर्ग के किसानों को आधुनिक कृषि उपकरणों से सशक्त बनाना है। पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर यंत्रीकरण अपनाने से उत्पादन लागत कम करने और समय की बचत संभव होती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रैक्टर जैसे उपकरण छोटे किसानों के लिए दीर्घकालिक निवेश साबित होते हैं। इससे न केवल उनकी स्वयं की खेती सुगम होती है, बल्कि वे किराये पर सेवा देकर अतिरिक्त आय भी अर्जित कर सकते हैं।
पारदर्शी प्रक्रिया पर जोर
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि चयन प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी रखा गया। ड्रॉ की कार्यवाही विभागीय पोर्टल पर आयोजित की गई, जिससे किसी प्रकार की मानवीय हस्तक्षेप की गुंजाइश कम हो सके।
बैठक में कृषि विज्ञान केंद्र और बैंकिंग क्षेत्र के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे, जिन्होंने किसानों को वित्तीय और तकनीकी मार्गदर्शन देने पर चर्चा की।
कृषि यंत्रीकरण से संभावित लाभ
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, यंत्रीकरण से खेत की जुताई, बुवाई और कटाई जैसे कार्यों में समय की बचत होती है। इससे फसल चक्र में सुधार और उत्पादन में वृद्धि संभव होती है।
इसके अलावा, श्रम लागत में कमी आने से किसानों की आय पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों के लिए यह योजना आर्थिक मजबूती की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
इस खबर का असर क्या होगा?
ट्रैक्टर सब्सिडी योजना से चयनित किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और वे आधुनिक कृषि उपकरणों का उपयोग कर अपनी उत्पादकता बढ़ा सकेंगे। प्रतीक्षा सूची में शामिल किसानों के लिए भी भविष्य में अवसर खुल सकते हैं।
दीर्घकाल में इस तरह की योजनाएं अनुसूचित जाति वर्ग के किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और कृषि क्षेत्र में उनकी भागीदारी बढ़ाने में सहायक हो सकती हैं। यदि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन जारी रहता है, तो जिले में कृषि यंत्रीकरण की गति तेज हो सकती है।
निष्कर्ष
समग्र रूप से देखा जाए तो ट्रैक्टर सब्सिडी योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। पारदर्शी चयन प्रक्रिया और लक्षित लाभ वितरण से किसानों का विश्वास बढ़ने की उम्मीद है। आने वाले समय में इस योजना के परिणाम जिले की कृषि प्रगति में दिखाई दे सकते हैं।