विदेश नौकरी का झांसा देकर साइबर ठगी कराने वाला आरोपी गिरफ्तार
फरीदाबाद: विदेश में नौकरी का सपना दिखाकर युवाओं को जाल में फंसाने और उनसे जबरन साइबर ठगी कराने वाले एक अंतरराष्ट्रीय रैकेट का फरीदाबाद पुलिस ने पर्दाफाश किया है। साइबर थाना सेंट्रल की टीम ने इस संगठित अपराध में शामिल एक आरोपी को मुंबई एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया है। यह मामला न केवल साइबर अपराध की भयावह सच्चाई को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि कैसे बेरोजगार युवाओं को विदेश में ऊंचे वेतन का लालच देकर शोषण का शिकार बनाया जा रहा है।
शिकायत से खुला गंभीर अपराध का मामला
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार सेक्टर-78, फरीदाबाद निवासी एक व्यक्ति ने साइबर थाना सेंट्रल में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि जुलाई 2025 में उसके पास व्हाट्सएप के माध्यम से एक संदेश आया। बातचीत के दौरान ठगों ने उसकी शैक्षणिक और व्यक्तिगत जानकारी ली और उसे थाईलैंड में आकर्षक वेतन पर नौकरी का प्रस्ताव दिया।
ठगों ने भरोसा जीतने के लिए उसे ऑन अराइवल वीजा पर बुलाने और बाद में वर्क वीजा में बदलने का आश्वासन दिया। अगस्त 2025 में शिकायतकर्ता को बैंकॉक का हवाई टिकट भेजा गया, जिसके बाद वह नौकरी के सपने लेकर थाईलैंड पहुंच गया।
बैंकॉक से म्यांमार तक खौफनाक सफर
शिकायतकर्ता ने बताया कि बैंकॉक एयरपोर्ट पहुंचते ही उसे एक गाड़ी में बैठा लिया गया। कुछ दूरी तय करने के बाद उसका मोबाइल फोन छीन लिया गया। इसके बाद उसे कई गाड़ियों में बदला गया और अंततः नदी के रास्ते अवैध रूप से म्यांमार बॉर्डर पार करवा दिया गया।
म्यांमार पहुंचने पर उसे करीब 15 दिन तक बंधक बनाकर रखा गया। वहां उसे साइबर अपराध करने के लिए मजबूर किया गया और इनकार करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़ित को ऑनलाइन ठगी के तरीके सिखाए गए और डेटिंग एप के माध्यम से लोगों को निवेश का झांसा देकर ठगने का काम कराया गया।
म्यांमार आर्मी की रेड से मिली आज़ादी
पीड़ित ने बताया कि कुछ समय बाद म्यांमार आर्मी द्वारा उस इलाके में रेड की गई, जिसके बाद उसे अन्य बंधकों के साथ रेस्क्यू किया गया। बाद में भारतीय दूतावास की मदद से उसे भारत वापस भेजा गया। स्वदेश लौटने के बाद उसने पूरे घटनाक्रम की जानकारी फरीदाबाद पुलिस को दी, जिसके आधार पर साइबर थाना सेंट्रल में संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया।
तकनीकी जांच से आरोपी तक पहुंची पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए फरीदाबाद पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की। कॉल डिटेल, डिजिटल ट्रेल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने एक आरोपी की पहचान की। आरोपी के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी करवाया गया।
29 जनवरी को साइबर थाना सेंट्रल की टीम ने कार्रवाई करते हुए मुंबई एयरपोर्ट से आरोपी आकाश महादेव भानवसे, निवासी करयाले, जिला सोलापुर, महाराष्ट्र को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में सामने आया अंतरराष्ट्रीय ठगी नेटवर्क
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं का डेटा एकत्र करता था। इसके बाद वह उनसे संपर्क कर थाईलैंड में उच्च वेतन पर नौकरी दिलाने का झांसा देता था। आरोपी पीड़ितों के लिए वीजा और हवाई टिकट की व्यवस्था करता और उन्हें थाईलैंड बुलवाता था।
थाईलैंड पहुंचने के बाद पीड़ितों को जबरन म्यांमार ले जाया जाता, जहां उन्हें बंधक बनाकर साइबर ठगी का काम करने के लिए मजबूर किया जाता था। पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क में कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं, जिनकी भूमिका की जांच जारी है।
बढ़ता साइबर अपराध और युवाओं की मजबूरी
यह मामला दर्शाता है कि कैसे बेरोजगारी और विदेश में बेहतर भविष्य की चाह का फायदा उठाकर अपराधी संगठित साइबर अपराध को अंजाम दे रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे रैकेट दक्षिण-पूर्व एशिया के कई देशों में सक्रिय हैं, जहां भारतीय युवाओं को निशाना बनाया जा रहा है।
फरीदाबाद पुलिस ने इस तरह के मामलों में सतर्क रहने की अपील की है और कहा है कि बिना सत्यापन किसी भी विदेशी नौकरी के प्रस्ताव पर भरोसा न करें।