युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण सोनीपत में स्वयंसेवकों को आपदा प्रबंधन का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण सोनीपत के तहत सात दिवसीय आवासीय कार्यशाला का समापन हो गया है। मोहाना स्थित एक तकनीकी संस्थान परिसर में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में चयनित स्वयंसेवकों को आपदा प्रबंधन से जुड़ी व्यावहारिक और तकनीकी दक्षताओं से सुसज्जित किया गया।यह पहल केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित योजना के अंतर्गत जिला प्रशासन और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सहयोग से आयोजित की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को आपदा की स्थिति में प्रथम प्रतिक्रिया देने के लिए सक्षम बनाना है, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में समुदाय को त्वरित सहायता मिल सके।
आपदा प्रबंधन में युवाओं की बढ़ती भूमिका
समापन सत्र में उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि आपदाएं पूर्व चेतावनी देकर नहीं आतीं, इसलिए तैयारी ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है। प्रशिक्षित युवा आपदा मित्र स्थानीय स्तर पर प्रशासन और आमजन के बीच समन्वय की महत्वपूर्ण कड़ी बन सकते हैं।विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी प्राकृतिक या मानवजनित आपदा में शुरुआती कुछ घंटे अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की उपलब्धता राहत और बचाव कार्यों की गति बढ़ा सकती है।
प्रशिक्षण में क्या-क्या सिखाया गया
व्यावहारिक बचाव तकनीकें
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को ढही हुई इमारतों से सुरक्षित निकासी, जोखिमपूर्ण क्षेत्रों में प्रवेश की सावधानियां तथा पीड़ितों को प्राथमिक उपचार देने की तकनीकों का अभ्यास कराया गया। रस्सियों और अस्थायी संसाधनों की मदद से बचाव कार्य करने की विधियां भी समझाई गईं।
जीवनरक्षक कौशल
प्रशिक्षण में कार्डियो-पल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर), रक्तस्राव नियंत्रण, घाव प्रबंधन और फ्रैक्चर को स्थिर करने जैसी महत्वपूर्ण तकनीकों पर विशेष जोर दिया गया। इन सत्रों का संचालन आपदा प्रतिक्रिया बल, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग और अन्य विशेषज्ञ एजेंसियों की टीमों ने किया।
समन्वय और सुरक्षा प्रोटोकॉल
सैद्धांतिक सत्रों में खतरे की पहचान, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों का सही उपयोग और प्रशासनिक समन्वय की प्रक्रिया समझाई गई। प्रतिभागियों को यह भी बताया गया कि किसी बड़े हादसे के दौरान सूचना प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण कितना महत्वपूर्ण होता है।
प्रमाण-पत्र और आपातकालीन किट
प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले सभी स्वयंसेवकों को राज्य स्तरीय प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। साथ ही उन्हें भविष्य में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए आवश्यक उपकरणों से युक्त आपातकालीन प्रतिक्रिया किट उपलब्ध कराई जाएगी।यह कदम युवाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें औपचारिक रूप से आपदा प्रबंधन तंत्र का सहयोगी बनाता है।
व्यापक संदर्भ और सामाजिक महत्व
हरियाणा सहित देश के विभिन्न हिस्सों में समय-समय पर बाढ़, आग, भवन ध्वंस और सड़क दुर्घटनाओं जैसी घटनाएं सामने आती रहती हैं। ऐसे में समुदाय आधारित आपदा तैयारी की अवधारणा को मजबूत करना आवश्यक है।युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण सोनीपत जैसी पहलें स्थानीय स्तर पर क्षमता निर्माण का उदाहरण हैं। इससे न केवल प्रशासनिक व्यवस्था को सहयोग मिलता है, बल्कि समाज में स्वैच्छिक भागीदारी की भावना भी प्रबल होती है।