मुरथल में बाबा नागे धाम कार्यक्रम में संतों को संबोधित करते सीएम योगी
सोनीपत, 22 जनवरी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सनातन धर्म और राष्ट्र एक-दूसरे के पूरक हैं और दोनों की मजबूती से ही मानवता का कल्याण संभव है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाली सहस्त्राब्दी भारत के सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और वैश्विक वैभव की होगी। यह लक्ष्य केवल सरकार नहीं, बल्कि समाज की सहभागिता से ही प्राप्त किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वीरवार को मुरथल स्थित बाबा नागे धाम में आयोजित श्री सिद्ध बाबा महंत बुधनाथ जी महाराज की मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा एवं आठ मान भंडारे में शामिल हुए। इसी अवसर पर बाबा बाल योगी मसाणनाथ जी महाराज का विधिवत गद्दीनशीन संस्कार भी संपन्न हुआ। देशभर से आए नाथ संप्रदाय के संतों, योगियों और श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन धर्म जीवन जीने की पद्धति है, जो समाज को अनुशासन, सेवा और समरसता का मार्ग दिखाता है।
उन्होंने कहा कि भारत ने सदियों तक विदेशी आक्रांताओं के हमलों का सामना किया, जिससे सांस्कृतिक परंपराओं को नुकसान पहुंचा, लेकिन आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना साकार हो रही है। अयोध्या, काशी और प्रयागराज जैसे धार्मिक केंद्रों का पुनरुत्थान भारत की सांस्कृतिक शक्ति का प्रमाण है।
योगी आदित्यनाथ ने युवाओं को नशे से दूर रहने का आह्वान करते हुए कहा कि नशा युवाशक्ति को कमजोर करने की एक सुनियोजित साजिश है। उन्होंने संत समाज से नशा विरोधी जन-जागरण अभियान चलाने की अपील की। साथ ही पर्यावरण संरक्षण, जल-संरक्षण और सांस्कृतिक मूल्यों को अपनाने पर जोर दिया।
कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि हरियाणा सरकार धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इस भव्य आयोजन में हजारों संतों और श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने समाज में आध्यात्मिक चेतना को और मजबूत किया।